sainsrijanpatal.com

हमारे बारे में

देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को संजोने और आगे बढ़ाने का संकल्प

प्रो.(डा.) के.एल. तलवाड़

मुख्य संपादक एवं संस्थापक

व्यक्तिगत जानकारी

व्यक्तिगत जानकारी

पदों का क्रम:

विशेष योगदान

पदों का क्रम:

एनएसएस गतिविधियां:

विशेष प्रशिक्षण

विद्यार्थियों को ‘समाचार लेखन की कला’ का निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करते रहे हैं। इससे अनेक युवाओं को पत्रकारिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने में सहायता मिली है।

Editorial Team

Our dedicated team committed to preserving Uttarakhand’s heritage

मुख्य संपादक

मुख्य संपादक

प्रो. के. एल. तलवाड़

उप संपादक

उप संपादक

श्री अंकित तिवारी

सह संपादक

सह संपादक

अमन तलवाड़

सम्मान और पुरस्कार

ज्ञान ज्योति पुरस्कार

शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए

स्पर्श गंगा शिक्षा श्री पुरस्कार

शैक्षणिक नेतृत्व के लिए

उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान

शिक्षण में नवाचार के लिए

प्रकाशित पुस्तकें

उत्तराखंड के पर्यावरणीय आंदोलन

उत्तराखंड के पर्यावरण संरक्षण आंदोलनों का विस्तृत अध्ययन और विश्लेषण। इस पुस्तक में चिपको आंदोलन से लेकर आधुनिक पर्यावरण संरक्षण प्रयासों तक का समावेश है।

एनएसएस बी/सी प्रमाण पत्र परीक्षा

राष्ट्रीय सेवा योजना के बी और सी प्रमाण पत्र परीक्षा की तैयारी के लिए व्यापक प्रश्न-उत्तर संग्रह। विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी संदर्भ ग्रंथ।

साईं सृजन पटल

स्वर्गीय श्री साईं दास तलवाड़ जी को समर्पित

समर्पण

‘साईं सृजन पटल’ स्वर्गीय पिता श्री साईं दास तलवाड़ जी को समर्पित है, जो कि एक कर्मठ व्यक्ति, समाजसेवी और ‘उत्तरकाशी गौरव’ से सम्मानित थे।

Photo

उनके आदर्श:

  • समाज सेवा में निरंतर योगदान
  • शिक्षा के प्रति समर्पण
  • सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण
  • युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत

हमारे लक्ष्य

शिक्षा:

मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करना

सम्मान:

प्रतिभावान युवाओं का समय-समय पर सम्मान

प्रशिक्षण:

निशुल्क समाचार लेखन पाठ्यक्रम

विशेष प्रशिक्षण

विद्यार्थियों को ‘समाचार लेखन की कला’ का निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करते रहे हैं। इससे अनेक युवाओं को पत्रकारिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने में सहायता मिली है।

हमारा मिशन

देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और समृद्ध संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाना। हमारा उद्देश्य है कि उत्तराखंड की पारंपरिक कलाओं, भाषा, संस्कृति और मूल्यों को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रूप से पहुंचाया जाए।

हमारा विजन

'लेखन और सृजन के उन्नयन के लिए सदैव प्रतिबद्धता'। आने वाली पीढ़ी को अपने उत्तराखंड के विकास के लिए तैयार करना और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजना। हमारा सपना है एक ऐसा उत्तराखंड जो अपनी जड़ों से जुड़ा हो और आधुनिकता के साथ आगे बढ़े।

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