हमारे बारे में
देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को संजोने और आगे बढ़ाने का संकल्प
प्रो.(डा.) के.एल. तलवाड़
मुख्य संपादक एवं संस्थापक
व्यक्तिगत जानकारी
- जन्म:
- जन्म स्थान:
- सेवा काल:
- विषय:
- 22 मार्च 1959
- उत्तरकाशी, उत्तराखंड
- 7 फरवरी 1985 से लगभग 40 वर्ष
- अर्थशास्त्र
व्यक्तिगत जानकारी
पदों का क्रम:
- लेक्चरर (अर्थशास्त्र)
- रीडर
- प्रोफेसर
- यूजी प्रिन्सिपल
- पीजी प्रिन्सिपल
विशेष योगदान
पदों का क्रम:
- • महाविद्यालयों के मीडिया प्रभारी
- • 'संस्था दर्पण' पत्रिका का संपादन
- • 'युवा संकल्प' का संपादन
- • 'संकल्प पत्र' का संपादन
एनएसएस गतिविधियां:
- • जिला समन्वयक
- • रिसोर्स पर्सन
- • सामुदायिक सेवा कार्यक्रम
विशेष प्रशिक्षण
विद्यार्थियों को ‘समाचार लेखन की कला’ का निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करते रहे हैं। इससे अनेक युवाओं को पत्रकारिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने में सहायता मिली है।
Editorial Team
Our dedicated team committed to preserving Uttarakhand’s heritage
मुख्य संपादक
प्रो. के. एल. तलवाड़
उप संपादक
श्री अंकित तिवारी
सह संपादक
अमन तलवाड़
प्रकाशित पुस्तकें
उत्तराखंड के पर्यावरणीय आंदोलन
उत्तराखंड के पर्यावरण संरक्षण आंदोलनों का विस्तृत अध्ययन और विश्लेषण। इस पुस्तक में चिपको आंदोलन से लेकर आधुनिक पर्यावरण संरक्षण प्रयासों तक का समावेश है।
एनएसएस बी/सी प्रमाण पत्र परीक्षा
राष्ट्रीय सेवा योजना के बी और सी प्रमाण पत्र परीक्षा की तैयारी के लिए व्यापक प्रश्न-उत्तर संग्रह। विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी संदर्भ ग्रंथ।
साईं सृजन पटल
स्वर्गीय श्री साईं दास तलवाड़ जी को समर्पित
समर्पण
‘साईं सृजन पटल’ स्वर्गीय पिता श्री साईं दास तलवाड़ जी को समर्पित है, जो कि एक कर्मठ व्यक्ति, समाजसेवी और ‘उत्तरकाशी गौरव’ से सम्मानित थे।
उनके आदर्श:
- समाज सेवा में निरंतर योगदान
- शिक्षा के प्रति समर्पण
- सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण
- युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत
हमारे लक्ष्य
शिक्षा:
मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करना
सम्मान:
प्रतिभावान युवाओं का समय-समय पर सम्मान
प्रशिक्षण:
निशुल्क समाचार लेखन पाठ्यक्रम
विशेष प्रशिक्षण
विद्यार्थियों को ‘समाचार लेखन की कला’ का निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करते रहे हैं। इससे अनेक युवाओं को पत्रकारिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने में सहायता मिली है।
हमारा मिशन
देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और समृद्ध संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाना। हमारा उद्देश्य है कि उत्तराखंड की पारंपरिक कलाओं, भाषा, संस्कृति और मूल्यों को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रूप से पहुंचाया जाए।
हमारा विजन
'लेखन और सृजन के उन्नयन के लिए सदैव प्रतिबद्धता'। आने वाली पीढ़ी को अपने उत्तराखंड के विकास के लिए तैयार करना और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजना। हमारा सपना है एक ऐसा उत्तराखंड जो अपनी जड़ों से जुड़ा हो और आधुनिकता के साथ आगे बढ़े।